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Ramadan Mubarak 2024 : ज़कात ए रमज़ान, फैजाने ज़कात
Spread the loveRamadan Mubarak 2024 : ज़कात ए रमज़ान, जकात का फ़र्ज़ होना कुरआन से साबित है , इस का इन्कार करनेवाला काफ़िर है.. Ramadan Mubarak 2024 : ज़कात ए रमज़ान, जकात का फ़र्ज़ होना कुरआन से साबित है , इस का इन्कार करनेवाला काफ़िर है.. हज़रते सय्यिदुना अब्दुल्लाह इब्ने उमर رضی اللہ تعالی عنہ…

The twenty-sixth part of the Quran : क़ुरआन पाक छब्बीसवां पारा इस पारे में कुल छः हिस्से हैं
Spread the loveThe twenty-sixth part of the Quran : इस पारे में कुल छः हिस्से हैं [1] सूरह अहकाफ़ (मुकम्मल) [2] सूरह मोहम्मद (मुकम्मल) [3] सूरह फतह (मुकम्मल) [4] सूरह हुजरात (मुकम्मल) [5] सूरह काफ़ (मुकम्मल) [6] सूरह ज़ारियात का शुरुआती हिस्सा The twenty-sixth part of the Quran : इस पारे में कुल छः हिस्से…

जयपाल का कोई मंदिर या मजार नहीं है। 2024
Spread the loveजयपाल का कोई मंदिर या मजार नहीं है। जयपाल की कहानी ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के साथ उसके संघर्ष और आत्मसमर्पण की है, जिसमें जयपाल ने अपनी जादूगरी और गलत रास्ते को छोड़कर ख्वाजा साहब की शिक्षा और सेवा के मार्ग को अपनाया। अजमेर शरीफ की दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की स्मृति में बनी…

Prophet Muhammad : हज़रत मोहम्मद (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) के बारे में गुरू ग्रंथ साहिब में गुरू नानक जी एवं अन्य सिक्ख गुरुओं के विचार:
Spread the loveProphet Muhammad ह़ज़रत मोहम्मद की तारीफ़ और हमेशा करते चले जाओ। आप अल्लाह तआला के ख़ास बंदे और तमाम नबीयों और रसूलों के सरदार हैं।–(जन्म साखी विलायत वाली, पेज नम्बर 246, जन्म साखी श्री गुरु नानक देव जी, प्रकाशन गुरु नानक यूनीवर्सिटी, अमृतसर, पेज नम्बर 61) अर्थात- ह़ज़रत मोहम्मद की तारीफ़ और हमेशा…

अजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और जादूगर जयपाल की कहानी :2024
Spread the loveअजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और जादूगर जयपाल की कहानी प्रारंभिक जीवन और आगमन अजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म 1142 ईस्वी में सिस्तान (वर्तमान ईरान) के चिश्त गाँव में हुआ था। बचपन से ही वे धार्मिक और आध्यात्मिक स्वभाव के थे। एक दिन, उनके पिता का देहांत हो…




