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ढाई दिन का झोंपड़ा एक ऐतिहासिक मस्जिद है, | 2024
ढाई दिन का झोंपड़ा एक ऐतिहासिक मस्जिद है, जिसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था। इसके निर्माण के बारे में कई कहानियाँ और किंवदंतियाँ प्रचलित हैं, जिनमें से एक यह भी है कि इसे जिन्नातों ने बनाया था। यह कहानी बहुत ही रहस्यमयी और आकर्षक है, लेकिन इसके पीछे की वास्तविकता को समझना महत्वपूर्ण है।…
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जादूगर जयपाल का अब क्या हुआ: 2024
जादूगर जयपाल का अब क्या हुआ आत्मसमर्पण के बाद की ज़िंदगी ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद, जयपाल ने अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू किया। उसने जादू और तंत्र-मंत्र को छोड़ दिया और एक साधारण, सच्चे और ईमानदार जीवन जीने का संकल्प लिया। ख्वाजा साहब की शिक्षा और माफी ने…
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जयपाल का कोई मंदिर या मजार नहीं है। 2024
जयपाल का कोई मंदिर या मजार नहीं है। जयपाल की कहानी ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के साथ उसके संघर्ष और आत्मसमर्पण की है, जिसमें जयपाल ने अपनी जादूगरी और गलत रास्ते को छोड़कर ख्वाजा साहब की शिक्षा और सेवा के मार्ग को अपनाया। अजमेर शरीफ की दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की स्मृति में बनी हुई है…
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अजमेर का जादू का पत्थर 2024: एक रहस्यमयी कहानी
अजमेर का जादू का पत्थर: एक रहस्यमयी कहानी प्रारंभिक समय अजमेर का जादू का पत्थर: अजमेर, जो राजस्थान का एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, अपने सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन अजमेर की गलियों और पहाड़ियों में कई रहस्यमयी कहानियाँ भी प्रचलित हैं, जिनमें से एक है “जादू…
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जादूगर जयपाल की कहानी :2024
जादूगर जयपाल की कहानी प्रारंभिक जीवन जयपाल का जन्म एक छोटे से गाँव में हुआ था। बचपन से ही उसे रहस्यमयी और अजीब चीज़ों में दिलचस्पी थी। वह अक्सर जंगलों में घूमता और जड़ी-बूटियों का अध्ययन करता था। उसकी माँ एक जड़ी-बूटी वाली महिला थी, जिसने उसे कई प्रकार की औषधियों और मंत्रों के बारे…
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अजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और जादूगर जयपाल की कहानी :2024
अजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और जादूगर जयपाल की कहानी प्रारंभिक जीवन और आगमन अजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म 1142 ईस्वी में सिस्तान (वर्तमान ईरान) के चिश्त गाँव में हुआ था। बचपन से ही वे धार्मिक और आध्यात्मिक स्वभाव के थे। एक दिन, उनके पिता का देहांत हो गया और…
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इस्लाम में 6 कलमे और खुत्बा 2024
इस्लाम में 6 कलमे और खुत्बा 2024 खुत्बा : वो कलमा मुबारक जिसे पढ़ने से दुनिया व आख़िरत मुसीबतो से बची रहती है दुनिया में तंग व दो से मक़ाम पैदा करने वालो की राहे अक्सर मुश्किलात की वजह से बंद और तंग हो जाती है : दुनिया में अपनी तंग व दो से मक़ाम…
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इस्लामिक तालिम 2024 ज़कात क्या है
ज़कात : ज़कात क्या है ज़कात : हदीस ए पाक में है हमारे प्यारे नबी ए करीम मुस्तफा सल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया है अल्लाह तबारक व ताल्हा ने हर इंसान के जिम्मे तीन किस्म की इबादत फ़र्ज़ की है 1 .जानी इबादत , 2 . बदनी इबादत , 3 . माली इबादत , ज़कात…
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ग़ुस्ल क्या है: “इस्लामी तालिम 2024 ग़ुस्ल का सही तरीक़ा
ग़ुस्ल क्या है : हदीस ए पाक में है हमारे नबी ए करीम सल्लाहु अलैहि वसलम ने फ़रमाया है की हर मुस्लमान बन्दों पर ग़ुस्ल फ़र्ज़ है ग़ुस्ल करने से बंदा पाकी हासिल करता है ग़ुस्ल ना पाक होने पर किया जाता है ना पाकी भी कई तरह की होती है एक गंदगी वो होती…