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ढाई दिन का झोंपड़ा: एक ऐतिहासिक और धार्मिक यात्रा: 2024
Spread the loveढाई दिन का झोंपड़ा: एक ऐतिहासिक और धार्मिक यात्रा प्रारंभिक समय राजस्थान के ऐतिहासिक शहर अजमेर में एक जगह है जिसे “ढाई दिन का झोंपड़ा” कहा जाता है। यह स्थान अपने अनूठे नाम और ऐतिहासिक महत्व के कारण विशेष रूप से चर्चित है। ढाई दिन का झोंपड़ा एक प्राचीन मस्जिद है, जिसका निर्माण…

The Twenty-First Part Of The Quran : क़ुरआन पाक इक्कीसवां पारा इस पारे में पांच हिस्से हैँ
Spread the loveThe Twenty-First Part Of The Quran : इस पारे में पांच हिस्से हैँ 1- सूरह अनकबूत का बचा हुआ हिस्सा 2- सूरह रोम (मुकम्मल) 3- सूरह लुकमान (मुकम्मल) 4- सूरह सजदा (मुकम्मल) 5- सूरह अहज़ाब का शुरुआती हिस्सा The Twenty-First Part Of The Quran : इस पारे में पांच हिस्से हैँ 1- सूरह…

अजमेर का जादू का पत्थर 2024: एक रहस्यमयी कहानी
Spread the loveअजमेर का जादू का पत्थर: एक रहस्यमयी कहानी प्रारंभिक समय अजमेर का जादू का पत्थर: अजमेर, जो राजस्थान का एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, अपने सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन अजमेर की गलियों और पहाड़ियों में कई रहस्यमयी कहानियाँ भी प्रचलित हैं, जिनमें से एक…

Prophet Muhammad : हज़रत मोहम्मद (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) के बारे में गुरू ग्रंथ साहिब में गुरू नानक जी एवं अन्य सिक्ख गुरुओं के विचार:
Spread the loveProphet Muhammad ह़ज़रत मोहम्मद की तारीफ़ और हमेशा करते चले जाओ। आप अल्लाह तआला के ख़ास बंदे और तमाम नबीयों और रसूलों के सरदार हैं।–(जन्म साखी विलायत वाली, पेज नम्बर 246, जन्म साखी श्री गुरु नानक देव जी, प्रकाशन गुरु नानक यूनीवर्सिटी, अमृतसर, पेज नम्बर 61) अर्थात- ह़ज़रत मोहम्मद की तारीफ़ और हमेशा…

अजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और जादूगर जयपाल की कहानी :2024
Spread the loveअजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और जादूगर जयपाल की कहानी प्रारंभिक जीवन और आगमन अजमेर शरीफ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म 1142 ईस्वी में सिस्तान (वर्तमान ईरान) के चिश्त गाँव में हुआ था। बचपन से ही वे धार्मिक और आध्यात्मिक स्वभाव के थे। एक दिन, उनके पिता का देहांत हो…




